मध्यप्रदेश में कॉलेज छात्रों को कोरोना काल के बाद बहुत बड़ी राहत मिली है। इस साल किसी भी विषय की फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। सरकारी कॉलेजों के साथ निजी कॉलेज भी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
10 से 12 फीसदी की फीस बढ़ाने की तैयारी कर रखी थी
उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में साफ-साफ लिखा है कि पाठ्यक्रम में किसी भी प्रकार के शुल्क की बढ़ोतरी नहीं होगी। कॉलेजों ने नए सत्र से 10 से 12 फीसदी की फीस बढ़ाने की तैयारी कर रखी थी। निजी कॉलेज संचालकों को इससे तगड़ा झटका लगा हैं। प्रदेश भर में 1360 कॉलेज हैं। जिसमें 299 तरह के कोर्स संचालित हैं। हर साल 13 से 14 लाख छात्र एडमिशन लेते हैं।
हमारी सरकार हर वर्ग को राहत देगी
फीस वृद्धि में रोक पर स्वास्थ्य मंत्री विश्वास नारंग ने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग को राहत देगी। बिना परमीशन के कोई भी निजी कॉलेज बिल नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके लिए एक आचार संहिता लागू है। उसी हिसाब से काम होंगे।
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जारी आदेश-
- समस्त शासकीय/अनुदान प्राप्त अशासकीय/निजी अशासकीय महाविद्यालयों को सत्र 2022-23 की ऑनलाइन ई-प्रवेश प्रक्रिया के लिए अपने महाविद्यालय की प्रोफाइल को अद्यतन करने एवं सत्यापन कराने हेतू निम्नानिसार निर्देश जारी किए जाते हैं।
- प्रत्येक महाविद्यालय दिनांक11/04/2022 से 30/04/2022 तक ऑनलाइन ई-प्रवेश के पोर्टल (https://epravesh.mponline.gov.in) के माध्यम से अद्यतन की कार्यवाही पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे।
- समस्त महाविद्यालियों को अपनी महाविद्यालियीन प्रोफाइल में विगत वर्ष की गई प्रविष्टियों की जानकारी प्रदर्शित होगी। महाविद्यालि द्वारा नवीन प्रविष्ट की गई जानकारियों को सुनिश्चित कर सबमित करें।
- महाविद्यालय की अन्य जानकारी, जैसे- प्राचार्य संबंधी, स्थान संबंधी, मोबाइल नंबर, बैंक संबंधी जानकारी आदि में परिवर्तन किया जा सकता हैं।
- शासकीय /अनुदान प्राप्त अशासकीय/निजी अशासकीय महाविद्यालयों में संचालित/स्वीकृत सर्टिफिकेट कोर्स को भी ऑनलाइन पोर्टल पर अद्यतन करना अनिवार्य होगा।
- सत्र 2022-23 में शेक्षणिक शुल्क के लिए शासकीय/अशासकीय महाविद्यालय पारम्परिक / स्ववित्तीय पाठयक्रम में किसी प्रकार के शुल्क की वृद्धि नहीं कर सकेंगे।
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