भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा का ऐतिहासिक स्थल और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी उज्जैन इस बार जन्माष्टमी के अवसर पर भव्यता और श्रद्धा के साथ सज गई है। 26 और 27 अगस्त 2024 को पूरे देशभर में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन उज्जैन में इस पर्व के आयोजन की विशेषता और भव्यता एक अलग ही स्तर पर होगी।
सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी
उज्जैन का सांदीपनि आश्रम, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी, इस बार जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष रूप से सजाया जाएगा। आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की लीलाओं की झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। श्रद्धालु यहां आकर भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझ सकेंगे। 26 अगस्त को सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण का विशेष अभिषेक किया जाएगा। साथ ही श्रीकृष्ण के जीवन की झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु उनके जीवन की महिमा और उनके द्वारा सीखी गई शिक्षाओं को महसूस कर सकेंगे।
महाकालेश्वर में जन्माष्टमी का दिव्य आयोजन
महाकालेश्वर मंदिर।जो कि 12 ज्योतिर्लिंगों में एक है, जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य रूप से सजाया जाएगा। यहां विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
उज्जैन में जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जूताघर और सामान घर मंदिर परिसर और प्रमुख स्थलों पर जूताघर और सामान घर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा के इंतजाम को देखते हुए पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। ताकि भक्तगण बिना किसी परेशानी के भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में भाग ले सकें।
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