मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रेजुएशन के सिलेबस में रामायण, भगवत गीता को शामिल करने का फैसला किया है। कॉलेज में सेकंड ईयर में छात्रों को भगवत गीता पढ़ाई जाएगी। सरकार इसकी तैयारी कर रही हैं।
उच्च शिक्षा विभाग की यह अच्छी पहल है
आज युवाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रेजुएशन के सेकंड ईयर में छात्रों को भगवत गीता पढ़ाई जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग की यह अच्छी पहल है। सीएम ने कहा कि सिलेबस में भगवत गीता को शामिल करने की उच्च शिक्षा विभाग योजना तैयार कर रहा है।
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श्रीमद् भगवत गीता का सामाजिक संदर्भ सबजेक्ट पढ़ाया जाएगा
सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि श्रीराम और श्रीकृष्ण हमारे आदर्श हैं। श्रीमद् भगवत गीता का सामाजिक संदर्भ सबजेक्ट पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गीता अद्भुत हैं। गीता को आपने ढ़ंग से समझ लिया तो तनाव से मुक्त रह सकते हैं। गीता कहती है, कर्म करो, परिणाम की चिंता मत करो।
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मुझे 24 घंटे में से 18 घंटे काम करने में कोई तकलीफ नहीं
वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने संवाद के दौरान बच्चों को योग के गुण भी बताए। सीएम ने ओम का उच्चारण किया। शरीर को स्वास्थ्य रखने के लिए सीएम ने कई टिप्स दिए। मंच पर ही प्रणायाम के कुछ आसान किए। सीएम शिवराज ने कहा, मुझे 24 घंटे में से 18 घंटे काम करने में कोई तकलीफ नहीं होती, आसानी से कर लेता हूं। क्योंकि मैं नियमित योगा करता हूं, नियमित दिनचर्या में इसे अपनाने से बहुत लाभ होता है।
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