विदिशा के विजय मंदिर को एएसआई तथा कलेक्टर द्वारा बीजा मंडल मस्जिद शब्द लिख देने से उपजे असंतोष और फिर पिछले दिनों से मंदिर का ताला खोलकर पूजा करने की अनुमति के लिए किए जा रहे अनुरोध को देखते हुए इस बार नागपंचमी पर पुलिस और प्रशासन ने भारी इंतजाम किए। पूजा शाम को होती है लेकिन इस बार सुबह से पूरा विजय मंदिर परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। दिन भर एसडीएम, सीएसपी, चार टीआई समेत करीब 100 पुलिसकर्मी परिसर में तैनात रहे।
विधायक मुकेश टंडन अपने समर्थकों के साथ आए और बंद ताले के बाहर से ही पूजा करके वापस हो गए। इस दौरान वर्षों से यहां पूजा के लिए आने वाले वयोवृद्ध पं. नंदकिशोर शास्त्री और युवाओं की टोली ने बंद ताले से पूजा का विरोध करते हुए पूजा में हिस्सा नहीं लिया। शाम करीब 6 बजे अधिकांश लोगों के चले जाने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विजय मंदिर में गूंजा जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
दोपहर करीब 3.30 बजे आंदोलन में इस बार अगुवाई कर रहे शुभम वर्मा सहित करीब 25-30 युवाओं की टोली विजया देवी की जय और मंदिर का ताला खोलो के नारे लगाते हुए मंदिर परिसर में पहुंचे। इस दौरान भारी पुलिस बल ने मंदिर के चैनल को घेर रखा था। ये युवाओं की टीम नारेबाजी करते हुए चबूतरे पर बैठ गई और करीब 4.30 बजे यहां युवाओं की टोली ने हनुमान चालीसा शुरू कर दिया और पूरा परिसर जय हनुमान ज्ञान गुन सागर से गूंज उठा।
मरने से पहले ताला खुला देखना चाहता हूं
वयोवृद्ध पं. नंदकिशोर शास्त्री विजय मंदिर में मौजूद थे, लेकिन ताला न खुलने से दुखी होकर उन्होने पूजा में हिस्सा नहीं लिया। उनका पूरा गुस्सा विधायक मुकेश टंडन पर फूटा, उन्होंने कहा कि पिछले साल टंडन ने ताला खुलवाने का वादा किया था, इसके बाद ही हमने उन्हें समर्थन देकर जिताया, लेकिन वह ताला नहीं खुलवा सके। एएसआई के अधिकारी भी मूर्ख हैं, ये मंदिर है उन्हें समझ नहीं आता। शास्त्री ने कहा कि बस मैं मरने से पहले इस मंदिर का ताला खुला देखना चाहता हूं।
मंदिर मुक्त कराने अदालत जाएंगे
विजय मंदिर मुक्ति आंदोलन के अध्यक्ष और विधायक मुकेश टंडन ने पूजा की रस्म अदायगी के बाद मीडिया से कहा कि ये विशाल मंदिर बने ये सबकी इच्छा है। अल्पसंख्यक भी हमारे साथ हैं, उनको पूर्व में ही जगह दे दी गई थी। लेकिन उस समय बंटवारा एकतरफा हुआ था, अगर बराबरी का बंटवारा होता तो यह जगह हमें मिल गई होती और यहां अब तक भव्य मंदिर बन गया होता। हमने आज भगवान से प्रार्थना की है कि मंदिर को मुक्त कराने का आशीर्वाद दें।
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