नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों ने मध्य प्रदेश में हो रहे क्राइम की रिपोर्ट जारी की गई। जिसमें ग्वालियर में बढ़ते अपराध को लेकर हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए है। शहर में क्राइम लगातार बढ़ता जा रहा है। आम जनता के साथ साथ सरकारी कर्मचारियों के साथ हो रहे क्राइम को लेकर एनसीआरबी का डाटा सामने आया है।
राजधानी को भी क्राइम के मामले में पीछे छोड़ा
मध्य प्रदेश की ग्वालियर जिले में अपराधों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। कानून भी इस संख्या को कम नहीं कर पा रहा है। यही कारण है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट में ग्वालियर में प्रदेश की राजधानी को भी क्राइम के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
एनआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में लगभग 24, 486 लोगों को जान से मारने की धमकियां मिली है। जिसमें अकेले ग्वालियर में ही सबसे अधिक 4,465 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा घर में घुसकर धमकाने के मामले में भी ग्वालियर में सबसे ज्यादा मामले लगभग 242 भी अकेले ग्वालियर में ही सामने आ रहे हैं।
सुरक्षा भी कमजोर
एनआरबी की रिपोर्ट विभिन्न अपराधिक क्षेत्र में तो ग्वालियर आगे है ही इसके अलावा आम आदमी से मारपीट की शिकायतें भी ग्वालियर की ही सबसे ज्यादा है। इतना ही नहीं सुरक्षा की बात की जाए तो शासकीय कर्मचारी की सुरक्षा के मामलों में भी ग्वालियर कमजोर कड़ी के रूप में नजर आ रहा है। यहां पर सरकारी कर्मचारी से मारपीट के मामले आते रहते है। जिसमें खासतौर पर बिजली का बिल जमा करवाने वाली टीम, गवर्नमेंट जमीन की नापतोल करने वाली टीम, नगर निगम कर जल कर आदि वसूली टीमों के साथ मारपीट की जाती है।
रात में निगरानी में भी असुरक्षित
एनसीआरबी की रिपोर्ट में भी मध्य प्रदेश में रात के समय में ग्वालियर बेहद असुरक्षित क्षेत्र में गिना जा रहा है। रात के समय में लूट डकैती जैसी घटनाएं बहुत की जाती है। अंधेरे में इन घटनाओं को अंजाम देकर अपराधी कहां फरार हो जाते हैं पता भी नहीं लगता है।
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