दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे ने प्रदेश के विभिन्न रेल मार्ग पर संचालित 10 पैसेंजर गाड़ियो के अगले एक महीने के लिए रद्द कर दिया है। इसमें छत्तीसगढ़ में चलने वाली 8 गाड़ियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस फैसले को जन विरोधी बताया है। उन्होंने रेल मंत्रालय से मामले पर संज्ञान लेकर रद्द गाड़ियों को बहाल करने की मांग की है।

जनता की तकलीफ को नजर अंदाज कर रहे
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से मंगलवार को एक पोस्ट की है। उन्होंने लिखा, हद है। रेलवे स्टेशन बेचने के बाद अब मुनाफा कमाने के लिए जनता की तकलीफ को नजर अंदाज करते हुए 10 पैसेंजर ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द कर दिया है। इस जन विरोधी निर्णय का रेल मंत्रालय तुरंत संज्ञान लें ौर ट्रेनें बहाल करें। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे इन ट्रेनों को रद्द करने का कारण विकास कार्य बता रही है। उसका आदेश सामने आते ही छत्तीसगढ़ में विरोध के सुर तेज हुए हैं। अलग-अलग हिस्सों में लाखों लोग इन ट्रेनों के द्वारा यात्रा करते हैं।
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बम्लेश्वरी माता के दरबार में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं
रेलवे ने जिन 10 गाड़ियों को बंद किया है, उनमें से चार गाड़िया डोंगरगढ़ से आती-जाती है। इनको नवरात्री के आखिरी दिन बंद किया जा रहा है। रायपुर से डोंगरगढ़ जाने वाली 2 मेमू ट्रेन और डोंगरगढ़ से बिलासपुर जाने वाली 1 मेमू तो 10 अप्रैल से बंद किया जा रहा है। वही रायपुर से डोंगरगढ़ के बीच संचालित 1 मेमू को 11 अप्रैल को बंद किया जा रहा है। चैत्र नवरात्री इस बार 2 अप्रैल से 11 अप्रैल तक है। यानी कि नवरात्री के आखिरी दिन जब बम्लेश्वरी माता के दरबार में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं, 4 जरुरी पैसेंजर गाड़िया नहीं चलेगी।
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