एमपी के शहडोल में गजराज का आतंक जारी है। बांसा में एक बार फिर हाथियों ने जमकर आतंक मचाया है। हाथियों के दल ने की कच्चे घरों को तोड़ दिया है। वहीं हाथियों की दल मासियारी गांव में डेरा जमाए है। मासियारी गांव में हाथियों का झुंड पिछले 5 साल से डेरा जमाए है। महुआ की महक की वजह से हाथियों का दल आगे नहीं जा रहा है। हाथीं दिन में आराम करते है वहीं रात को कोहराम मचाते हुए घरों को तोड़ रहे है। संयज रिजर्व टाइगर से आया हाथियों का झुंड अब तक 5 ग्रामिणो को कुचल चुका है।
ड्रोन कैमरों से हाथियों की निगरानी होगी
वहीं रात के कोहराम के कारण वन विभाग अब नाइट विजन ड्रोन कैमरे से हाथियों की निगरानी करेगा। पन्ना टाइगर रिजर्व से नाइट विजन का ड्रोन कैमरा आ गया है। पुलिस विभाग के भी ड्रोन कैमरों से हाथियों की निगरानी होगी। वन विभाग, राजस्व औप पुलिस विभाग की संयुक्त टीम निगरानी जांच कर रही है। राजस्व औप पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।
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हाथियों के संरक्षण में एनजीओ भी गाइडेन्स का काम कर रहे हैं
हाथियों के आतंक की वजह से ग्रामीण दहशत में जी रहे है। शासन ने एहतियातन हाथियों के रास्ते में आने वाले 12 गांवो के 350 लोगों को पंचायत और स्कूल भवनों में शिफ्ट किया है। ये टीम हाथियों से 100 से 200 मीटर की दूरी पर पटाखा, ट्रेकुलाइन गन, लाठी और मशाल लेकर हाथियों को वापस लौटने का प्रयास कर रही है। हाथियों के संरक्षण में एनजीओ भी गाइडेन्स का काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ कलकत्ता के एनजीओ के द्वारा हाथियों की निगरानी की जा रही है। राजस्व औप पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही हैं।
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