अब लोगों को वोटर आईडी कार्ड स्पीड पोस्ट से उनके घर पर भेजे जाएंगे। अभी तक संबंधित क्षेत्र के बीएलओ के पास लोगों के वाटर कार्ड लाने की जिम्मेदारी थी। लेकिन अब चुनाव आयोग ने इस काम के लिए डाक विभाग को चुना है। चुनाव आयोग और डाक विभाग के बीच बातचीत करने के बाद ही ये फैसला लिया गया है।
कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे
अभी तक लोगों को अपना वोटर आईडी कार्ड का फॉर्म भरने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन इस व्यवस्था के बाद लोगों को कलेक्टर या तहसीलदार के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस पूरी जानकारी के बारे में जिला प्रशासन की तरफ से जारी किए गए प्रेस नोट में बताया गया है।
कोई शुल्क नहीं
इस प्रेस नोट में कहा गया कि, वोटर कार्ड घर पर देने पर व्यक्ति से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। वोटर कार्ड का पूरा खर्च वहन चुनीव आयोग करेगा। वोटर कार्ड के लिए आवेदन ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन करने की सुविधा दी गई है। फार्म भरने के बाद एपिक नंबर जनरेट होने के पश्चात कार्ड व्यक्ति के घर पहुच जाएगा। लेकिन यह तब ही संभव होगा जब आवेदन में सभी जानकारियां सही-सही भरी होंगी। वोटर कार्ड बनने के बाद स्पीड पोस्ट से आपके मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा। जिससे आसानी से वोटर कार्ड की ट्रैकिंग हो सके।
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वोट देना सबका अधिकार
वोट देने के लिए सारे नागरिकों को वोटर आईडी कार्ड की जरुरत पड़ती है। वोट देना सबका अधिकार है और भारतीय संविधान के अनुसार ऐसा करने के लिए सभी नागरिकों की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए। अगर आपकी उम्र 18 साल पूरी हो गई है तो आप वोटर आईडी कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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