राजधानी भोपाल से करीब 50 किमी दूर बैरसिया के पातलपुर वीरान में 33 हेक्टेयर में इंडस्ट्री डेवलप होगी। प्रदेश सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद अब DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इसमें इंडस्ट्रियल एरिया को लेकर मैप बनेगा। इस साल के आखिर तक नए इंडस्ट्रियल एरिया की तस्वीर उभरने की उम्मीद है।
मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी
पातलपुर वीरान में लंबे समय से नए इंडस्ट्रियल एरिया को लेकर कवायद की जा रही थी। जिला प्रशासन ने इसे लेकर 33 हेक्टेयर जमीन भी MPIDC (एमपी इंटस्ट्रियल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) को अलॉट कर दी थी। इसके बाद MPIDC ने फर्स्ट स्टेज का प्रपोजल सरकार को दिया और फिर इसे कैबिनेट में रखा गया। इसे मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
3 हेक्टेयर जमीन पर इंडस्ट्रियल एरिया
MPIDC के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सीएस धुर्वे ने बताया, 33 हेक्टेयर जमीन पर इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप होगा। सेंकड स्टेज पर अब डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके बाद टेंडर कॉल किए जाएंगे। डीपीआर में इंडस्ट्रियल एरिया की विस्तृत तस्वीर रहेगी। इसमें सभी प्रकार के उद्योग शामिल किए जाएंगे।
एक ही गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया है
भोपाल में अभी एक ही गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया है। जहां पर लघु और मंझौले करीब 1100 उद्योग हैं। इसके अलावा मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया भोपाल से करीब 25 किमी दूर है। जहां पर व्हीकल, फार्मा समेत 400 उद्योग है बैरसिया के पातलपुर वीरान में नया इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप होने से उद्योगपतियों को बहुत राहत मिलेगी।
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5 नए इंडस्ट्रियल एरिया की स्थापना की इजाजत
सरकार ने मध्य प्रदेश में 5 नए इंडस्ट्रियल एरिया की स्थापना की इजाजत दे दी हैं। यह इंडस्ट्रियल एरिया भोपाल के बैरसिया, सीहोर के आष्टा, धार के तिलगारा, मेगा औद्योगिक पार्क रतलाम और नरसिंहपुर में डेवलप होंगे। इसमें 32 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होने की संभावना है और 38 हजार 450 लोगों को रोजगार मिलेगा। देश के सबसे बड़े मेडिकल डिवाइस पार्क को मंजूरी मिली है। ये उज्जैन के विक्रमपुरी क्षेत्र में 360 एकड़ में बनेगा। 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना हैं।
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