भाद्रपद माह की दूसरी व प्रमुख शाही सवारी में भगवान श्री महाकालेश्वर सात स्वरूपों में आज सोमवार शाम 4 बजे नगर भ्रमण पर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। पालकी में भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर विराजित रहेंगे। शाम 4 बजे भगवान श्री महाकालेश्वर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, श्री घटाटोप मुखोटा स्वरुप व सप्तम सवारी में श्री सप्तधान का मुखारविंद सम्मिलित रहेगा।
कई मार्ग सवारी के चलते बाधित रहेंगे
सवारी निकलने से पहले महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में विधिवत भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर का पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद रजत पालकी में विराजित होकर अपनी प्रजा के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) देंगे. सिंधिया स्टेट की पररम्परानुसार पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमोलीश्वर का पूजन किया जायेगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया सवारी में शामिल होंगे। कई मार्ग सवारी के चलते बाधित रहेंगे। सवारी में 70 भजन मंडलियां, पुलिस बैंड, डमरू वादक, मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले का आदिवासी धुलिया जनजाति गुदुम बाजा लोक नर्तक दल श्री महाकालेश्वर भगवान की सप्तम सवारी में शामिल होंगे।
सिंधिया परिवार के सदस्य रहते हैं
इस शाही सवारी की खास बात यह है कि महाकाल की सवारी सिंधिया राजवंश की ओर से दी गई चांदी की पालकी में ही निकलती है। इसके अलावा हमेशा से ही शाही सवारी का हिस्सा सिंधिया राजवंश के परिवार के सदस्य भी जरूर होते रहे हैं। कहा जा रहा है कि आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उनके बेटे महान आर्यमन सिंधिया के आने की भी उम्मीद है।
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