मध्य प्रदेश के भोपाल में अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का ई-चालान काटा जाएगा। भोपाल पुलिस को इसके लिए 100 पीओएस मशीन दे दी गई है। इनमें से 60 पीओएस मशीनों का इस्तेमाल ट्रैफिक पुलिस करेगी जबकि 40 का इस्तेमाल थानों की पुलिस करेगी। ट्रैफिक रुल ताड़ने वालों का अब मौके पर ही फोटो खींचा जाएगा जिसके बाद गाड़ी का नंबर पीओएस मशीन में डालते ही पता चल जाएगा कि आपकी चालान की राशि क्या है यानि आपको कितना चालान देना पड़ेगा। यह मशीन के डिस्प्ले पर दिखाई देगा।
बैंक द्वारा एमपी पुलिस को 1800 पीओएस मशीनें दी गई हैं
ई चालान के लिए भारतीय स्टेट बैंक, एनआईसी और पीटीआरआई ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। बैंक द्वारा एमपी पुलिस को 1800 पीओएस मशीनें दी गई हैं। ई-चालान में तीन तरह से जुर्माना भरा जा सकता है। लोग, नगद, कार्ड स्वैप करके या मोबाइल नंबर पर शेयर की गई लिंक पर क्लिक करके चालान भर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाला चालक अब डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ही जुर्माना दे सकेगा। शहर में ई चालान काटने के लिए ट्रैफिक के जवानों को ट्रेनिंग दे दी गई हैं।
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लोगों को भुगतान के लिए चक्कर न लगाना पडे। इसका मकसद चालान को डिजिटल बनाना है
बता दें कि रसीद से चालान काटने पर कई बार लोग कई तरह के आरोप जैसे फर्जी तरीका, पुलिस पर पैसे ले लेने का आरोप लगाते रह हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए अब ई चालान अपनाया जा रहा है। समय की बचत तो ध्यान में रखते हुए भी अब ई चालान अपनाया जा रहा है ताकि लोगों को भुगतान के लिए चक्कर न लगाना पडे। इसका मकसद चालान को डिजिटल बनाना है। इससे नकली चालान बनाकर पैसे लेने पर भी रोक लगेगी और ट्रैफिक पुलिस को भी अपने काम में काफी सुविधा होगी। इससे चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
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