रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को संचालन के लिए उपयुक्त मानते हुए मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही इन कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि राज्य को पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र और मेडिकल शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
मेकाहारा में बढ़ीं MBBS की सीटें
राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) को भी बड़ी राहत मिली है। NMC ने यहां एमबीबीएस की 20 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दे दी है। इससे मेडिकल छात्रों के लिए प्रवेश के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
स्थानीय छात्रों को मिलेगा लाभ
नई स्वीकृतियों के बाद प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का दायरा और मजबूत होगा। अधिक सीटें उपलब्ध होने से स्थानीय छात्रों को राज्य में ही चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा और दूसरे राज्यों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
जल्द शुरू होंगी शैक्षणिक गतिविधियां
NMC की मंजूरी मिलने के बाद इन पांचों नए मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। राज्य सरकार आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
सरकार का मानना है कि नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा
पांच नए मेडिकल कॉलेजों और मेकाहारा में 20 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों की मंजूरी से छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा को नई गति मिलेगी। यह फैसला राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और भविष्य में डॉक्टरों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।