छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पदों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने नया प्रावधान जारी किया है। इसके तहत अब केवल पात्र पूर्व सैनिक उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण आरक्षित पदों को खाली नहीं रखा जाएगा।नए प्रावधान के अनुसार, सीधी भर्ती में यदि आरक्षित पद के लिए योग्य पूर्व सैनिक उम्मीदवार नहीं मिलता है, तो उसी भर्ती वर्ष में अन्य पात्र उम्मीदवारों से पद भरा जा सकेगा।
अब पद अगले भर्ती वर्ष में नहीं होंगे कैरी फॉरवर्ड
छत्तीसगढ़ में भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण से जुड़े वर्ष 1985 के नियम में बदलाव किया गया है। पहले नियम-4 के उपनियम-3 के तहत पात्र पूर्व सैनिक नहीं मिलने पर आरक्षित पद को अगले भर्ती वर्ष के लिए आगे बढ़ाने का प्रावधान था।अब इस व्यवस्था को बदल दिया गया है। नए नियम के तहत ऐसे पदों को अगले भर्ती वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जाएगा।
उसी साल मेरिट से होगी भर्ती
नए प्रावधान में स्पष्ट किया गया है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में पात्र पूर्व सैनिक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो संबंधित आरक्षित पदों को उसी भर्ती वर्ष में अन्य पात्र उम्मीदवारों से भरा जा सकता है।इन पदों पर चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया को अगले वर्ष तक रोकने के बजाय उसी भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा सकेगा।
NOC लेने की जरूरत नहीं
सरकार के आदेश में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। आरक्षित पदों को अन्य पात्र उम्मीदवारों से भरने के लिए राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड या किसी अन्य कार्यालय से NOC यानी अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी।इससे भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त औपचारिकता कम होगी और संबंधित विभाग निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकेंगे।
1985 के नियम में किया गया संशोधन
सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश छत्तीसगढ़ सिविल सेवाओं तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण से जुड़े 1985 के नियमों के आधार पर जारी किया गया है।सरकार के नए प्रावधान के बाद आरक्षित पदों को अगले भर्ती वर्ष तक ले जाने के बजाय उसी वर्ष मेरिट के आधार पर भरने की व्यवस्था होगी। इसका असर आने वाली सीधी भर्ती प्रक्रियाओं में देखने को मिलेगा।
भर्ती अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला?
नए नियम का सीधा असर उन सीधी भर्तियों पर पड़ेगा, जिनमें भूतपूर्व सैनिकों के लिए पद आरक्षित होंगे। पात्र पूर्व सैनिक उम्मीदवार नहीं मिलने की स्थिति में अब इन पदों को लंबे समय तक रिक्त रखने या अगली भर्ती तक ले जाने के बजाय उसी भर्ती वर्ष में अन्य पात्र उम्मीदवारों से भरा जा सकेगा।