छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी और जनरल काउंसिल की बैठक शनिवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और विभिन्न खेल संघों की समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
रायपुर में 60 करोड़ की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि रायपुर में करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है। वहीं जशपुर के पंडरापाठ में 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से एक और आर्चरी अकादमी तैयार करने की योजना है। इन अकादमियों के जरिए खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
शासन और खेल संघों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में शासन और खेल संघों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया है, ताकि खेल संघों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके और खेल गतिविधियों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
छत्तीसगढ़ को 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी दिलाने की तैयारी
बैठक में छत्तीसगढ़ को 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी दिलाने के लिए प्रयास करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश को इसकी मेजबानी मिलती है तो नेशनल गेम्स के कुछ आयोजन बस्तर में कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रदेश में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने पर फोकस
रायपुर में बनने वाली आर्चरी अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक के साथ उच्च स्तर का प्रशिक्षण देने की तैयारी है। सरकार का फोकस ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने पर है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सकें और प्रदेश का नाम रोशन करें।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से मिल रहा प्रतिभाओं को मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन हर साल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी।
बस्तर की प्रतिभाओं को सही प्रशिक्षण और संसाधनों की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवाओं में खेलों की अच्छी प्रतिभा है। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण, सुविधाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो बस्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। सरकार इसी दिशा में खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभाओं को अवसर देने पर जोर दे रही है।