रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से संबद्ध कॉलेजों में आयोजित होने वाली बीएससी कृषि (एंटोमोलॉजी) द्वितीय वर्ष की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 20 अगस्त को होने वाली इस परीक्षा का पेपर शुरू होने से पहले ही छात्रों के व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी और पुलिस ने 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
सुई से छेद कर डाला एंडोस्कोपिक कैमरा
पुलिस जांच में पता चला कि दुर्ग स्थित भारतीय कृषि कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने 17 अगस्त को रायपुर के जोरा कृषि कॉलेज से प्रश्नपत्रों का बंडल प्राप्त किया था। वह अन्य विषयों के पेपर जमा कराकर एंटोमोलॉजी विषय का सीलबंद लिफाफा अपने घर ले गए। उन्होंने सीलबंद लिफाफे को बिना फाड़े सुई से एक छोटा सा छेद किया और बाजार से खरीदे गए पतले एंडोस्कोपिक कैमरे को अंदर डालकर प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींच लीं।
11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा पर्चा
डीसीपी (साइबर एवं अपराध) स्मृतिक राजनाला ने बताया कि प्रोफेसर ने कैमरे से ली गई तस्वीरों को व्यवस्थित कर परीक्षा से एक दिन पहले 19 अगस्त को 3 छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दिया। उन छात्रों के जरिए यह पर्चा अन्य विद्यार्थियों के बीच भी फैल गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, रिकॉर्डिंग डिवाइस और कनेक्टिंग केबल बरामद किए हैं।
100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने सुलझाई गुत्थी
20 अगस्त को सुबह 8:41 बजे कवर्धा कृषि कॉलेज को ई-मेल के जरिए पेपर लीक की सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस की 100 से अधिक जवानों की टीमों ने रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में छापेमारी शुरू की। सोशल मीडिया ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दुर्ग के छात्र अनुज मिंज को पकड़ा गया, जिसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया और अन्य छात्रों- अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पांडे व आदित्य साहू को गिरफ्तार किया गया।