छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन को पहचान दिलाने पर जोर
नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड लगातार प्रदेश के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के सामने लाने के लिए काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर राज्य है। प्रदेश की विरासत की खूबसूरती को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रभु श्रीराम के ननिहाल के रूप में छत्तीसगढ़ की खास पहचान
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का धार्मिक और पौराणिक महत्व भी काफी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसके चलते प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। इस विरासत को पर्यटन के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती बनेगी पर्यटन का बड़ा आकर्षण
पर्यटन बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर क्षेत्र है। यहां के जंगल, जलप्रपात, आदिवासी संस्कृति और हस्तशिल्प पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। बस्तर सहित प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
350 करोड़ की लागत से बनेगी फिल्म सिटी
नीलू शर्मा ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत फिल्म सिटी के निर्माण का काम शुरू हो चुका है। करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ में पर्यटन और फिल्म क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के विकास की दिशा में नया आयाम स्थापित करेगी।
श्री रामलला दर्शन योजना को पर्यटन की दृष्टि से बताया महत्वपूर्ण
उन्होंने श्री रामलला दर्शन योजना को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में यह योजना अहम भूमिका निभाएगी। इससे छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत और आस्था से जुड़े स्थलों को भी व्यापक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
होम स्टे को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस
पर्यटन बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश में होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे।
स्थानीय भोजन और हस्तशिल्प को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा। स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़कर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
500 युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
नीलू शर्मा ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का काम किया जाएगा। इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट लॉन्च
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट लॉन्च की गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों, पर्यटन सेवाओं और अन्य जरूरी जानकारियों को पर्यटकों तक आसानी से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्यटन सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर
पर्यटन सेवाओं को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटलीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को पर्यटन स्थलों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से आसानी से उपलब्ध कराना है।
27 सितंबर को मनाया जाएगा विश्व पर्यटन दिवस
नीलू शर्मा ने बताया कि 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के जरिए छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं, संस्कृति और विरासत को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।
10 श्रेणियों में दिए जाएंगे पर्यटन पुरस्कार
प्रेस वार्ता में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पर्यटन पुरस्कारों के लिए 10 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इन श्रेणियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा।