रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड प्रदेश में निकाह व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत निकाह से जुड़ी प्रक्रिया को रिकॉर्ड आधारित बनाया जाएगा और सभी निकाह की जानकारी वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखी जाएगी।
अंतरधार्मिक निकाह के लिए बोर्ड की अनुमति होगी अनिवार्य
नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद ही निकाह की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
बिना अनुमति निकाह पढ़ाने पर मौलानाओं पर हो सकती है कार्रवाई
प्रस्तावित नियमों के तहत यदि कोई मौलाना बोर्ड की अनुमति के बिना ऐसे निकाह संपन्न कराता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य निकाह प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप और अधिक जवाबदेह बनाना बताया गया है।
सभी मौलानाओं का होगा रजिस्ट्रेशन
वक्फ बोर्ड प्रदेश में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन भी करेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल बोर्ड में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) मौलाना ही निकाह संपन्न करा सकेंगे। इससे निकाह प्रक्रिया की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हर निकाह का रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित
बोर्ड के अनुसार प्रत्येक निकाह का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी वक्फ बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा। इससे फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों की निगरानी करना आसान होगा।
शिकायतों के बाद लिया गया निर्णय
वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने तथा संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए निकाह प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाने और सभी निकाह का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की योजना बनाई गई है।