उत्तरी छत्तीसगढ़ के ज्यादातर क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा। इन क्षेत्रों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान में 24 घंटे के भीतर चार डिग्री की गिरावट आई है। तापमान 16 डिग्री से गिरकर 12 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। पिछले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग आठ डिग्री की कमी हुई है, वहीं अधिकतम तापमान भी 30 डिग्री से नीचे उतर गया है।
ठिठुरन के साथ सुबह की शुरुआत
मौसम में अचानक बदलाव के कारण रविवार सुबह लोगों को ठंड महसूस हुई और हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। अगले 24 घंटों में मौसम साफ होने और तापमान में वृद्धि की संभावना जताई गई है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण दोनों की सक्रियता ने उत्तरी छत्तीसगढ़ के मौसम पर प्रभाव डाला है।
तेज हवा और ओलावृष्टि
सरगुजा संभाग के अलग-अलग इलाकों में चार दिनों से तेज हवा, गरज-चमक के साथ वर्षा और ओलावृष्टि हो रही है। मैनपाट, बलरामपुर, रामानुजगंज और कुसमी क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि से रबी और सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
लोगों को ठंड का एहसास
सामान्यतः फरवरी के बाद उत्तरी छत्तीसगढ़ में हल्की ठंड होती है। लेकिन लगातार सक्रिय विक्षोभ और बारिश-ओलावृष्टि के कारण हवा में ठंडक बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे लोगों को सुबह और रात में ठंड का एहसास हो रहा है।
अप्रैल के पहले सप्ताह में फिर मौसम बदलेगा
कुछ दिनों की राहत के बाद माह के अंतिम दिनों और अप्रैल के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तरी छत्तीसगढ़ में फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। बार-बार मौसम में उतार-चढ़ाव से गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है, खासकर फसल कटाई के समय विपरीत मौसम उनकी परेशानी और बढ़ा रहा है।
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