मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गणगौर के अवसर पर राजस्थान के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच पारंपरिक रोटी-बाटी का संबंध अब पानी के रिश्ते से और मजबूत हो गया है। उन्होंने दोनों राज्यों को एक परिवार और जुड़वा भाइयों के समान बताया।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्यों के बीच प्राकृतिक संसाधनों का बंटवारा आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ हो रहा है। राजस्थान के व्यापारी देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी योग्यता और बुद्धिमत्ता से नए रास्ते निकालते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करना है। वैश्विक स्तर पर जहां कई चुनौतियां हैं, वहीं भारत के पास विकास के बेहतरीन अवसर भी मौजूद हैं।उन्होंने बताया कि पहले भारतीय निवेशक खाड़ी देशों की ओर रुख करते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और देश में ही निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
अस्पताल खोलने के लिए मात्र 1 रुपये में जमीन लीज पर उपलब्ध कराई जा रही
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पीकेसी परियोजना करीब 1 लाख करोड़ रुपये की है, जिसमें राज्यों को केवल 10 प्रतिशत खर्च वहन करना होगा, जबकि 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है और भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने में सक्षम है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में विकास के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर होकर सरप्लस राज्य बन चुका है और यहां की बिजली से दिल्ली तक मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं।औद्योगिक विकास के साथ-साथ खनन क्षेत्र में भी तेजी से कार्य हो रहा है। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाई जा रही है।पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए मात्र 1 रुपये में जमीन लीज पर उपलब्ध कराई जा रही है।
स्कूली बच्चों को निशुल्क दूध वितरण की योजना
राज्य दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बड़ी गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा रही है और प्रति गाय अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया है। पशुधन सुधार और चिकित्सा सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है।स्कूली बच्चों को निशुल्क दूध वितरण की योजना भी शुरू की गई है।
पीएम श्री हेली सेवा शुरू
रीवा में टाइगर सफारी की शुरुआत हो चुकी है और वहां एयरपोर्ट की सुविधा भी मिल गई है। राज्य की एविएशन पॉलिसी के तहत हवाई सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को वीजीएफ दिया जा रहा है।अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए प्रति फ्लाइट 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। साथ ही, राज्य के भीतर और बाहर हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम श्री हेली सेवा शुरू की गई है।
वन्यजीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए चीतों का पुनर्वास किया गया है। असम से जंगली भैंसा लाने के लिए मगरमच्छ और घड़ियाल दिए जा रहे हैं। चंबल नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश के साथ बिजली वितरण का एक मॉडल तैयार किया है, जिसके तहत मुरैना के पास प्लांट स्थापित कर दोनों राज्य 6-6 महीने बिजली का उपयोग करेंगे।पीकेसी परियोजना को लेकर दोनों राज्यों ने एक-दूसरे के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सूखे क्षेत्रों तक पानी पहुंचता है, तो वहां के लोगों का जीवन बदल सकता है। यह समय है जब मध्यप्रदेश और राजस्थान मिलकर देश के विकास में योगदान दें।
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