भोपाल, प्रदेश की आबादी बढ़ रही है। जिलों की संख्या भी बढ़कर 55 हो गई, पर जिलों और प्रदेश में प्रशासनिक नियंत्रण रखने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों की संख्या बढ़ने के बजाए घट रही है। आलम यह है कि प्रदेश में तैनात 350 आइएएस 50% काम के बोझ से दबे हैं। उनके पास एक से चार तक अतिरिक्त प्रभार हैं। मप्र आइएएस कैडर में 459 पद स्वीकृत हैं। इनमें 391 पद भरे हैं, जबकि 68 खाली हैं। इनमें भी कार्यरत 391 में से 41 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
पांच और अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य ने एनओसी दे दी है। केंद्र कभी भी उन्हें बुला सकता है। ऐसे में जो काम कर रहे हैं, उनमें से भी 89 अगले पांच साल में रिटायर्ड हो जाएंगे। कैडर नहीं बढ़ाए गए तो आने वाले वर्षों में होने वाली भर्तियों से कैडर में कमी की पूर्ति हो जाएगी, लेकिन प्रदेश की जरूरतें पूरी नहीं हो सकेंगी।
काम करने वाले 350 में से 50 फीसद काम के बोझ में दबे, अगले 5 साल में रिटायर्ड हो जाएंगे 89 IAS
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