मध्य प्रदेश में मोहन सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। जिसे ब्यूरोक्रेसी पर लगाम लगाने के तौर पर देखा जा रहा है। इस फैसले के बाद अब मोहन कैबिनेट के मंत्रियों को पास ज्यादा ताकत होगी। जिसका असर कैबिनेट की बैठक में होने वाले फैसलों में भी नजर आएगा। दरअसल, मध्य प्रदेश की सरकार ने फैसला लिया है कि अब विभागीय मंत्री की अनुमति के बिना कोई भी फैसला कैबिनेट में नहीं आएगा, यानि जब तक मंत्री को किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं होगी या उनकी अनुमति नहीं मिलेगी तो विभाग के अधिकारी उस फैसले को कैबिनेट बैठक में नहीं रख सकेंगे। सरकार का यह फैसला मंत्रियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश में मोहन सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। जिसे ब्यूरोक्रेसी पर लगाम लगाने के तौर पर देखा जा रहा है। इस फैसले के बाद अब मोहन कैबिनेट के मंत्रियों को पास ज्यादा ताकत होगी।