नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की संपत्तियों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि, अब नगरीय निकायों की संपत्तियां फ्रीहोल्ड होंगी। अभी तक इस तरह की संपत्तियां केवल लीज पर दी जाती रही हैं। बताया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को फायदा होगा।
अधिकार भी केवल नगर निगमों को देने के निर्देश दिए हैं
नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने ये फैसला आया। उसके बाद उन्होंने फ्रीहोल्ड का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने भवन आदि का लेआउट पास करने का अधिकार भी केवल नगर निगमों को देने के निर्देश दिए हैं। अभी तक लोगों के प्लाट के लेआउट के लिए नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। मुख्यमंत्री ने कहा है, एक ही विभाग के पास अधिकार होने से लोगों को दो विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नगरी प्रशासन की समीक्षा बैठक में मंत्री शिव कुमार डहरिया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. आदि शामिल हुए थे।
नगरिया निकाय अधिकारियों को एक और अधिकार देने का फैसला किया
बैठके के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने नगरिया निकाय अधिकारियों को एक और अधिकार देने का फैसला किया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी अब राजपत्रित (गजेटेड) अधिकारी घोषित किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने जेनरिक दवाओं पर जोर दिया
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जेनरिक दवाओं पर जोर दिया। पता चला है कि बहुत से डॉक्टर केवल ब्रांडेड दवा ही लिख रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा है, सरकारी डॉक्टर केवल जेनरिक दवाएं ही लिखेंगे। ब्रांडेड दवा लिखे जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
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