छत्तीसगढ़ में भले ही मंकी पॉक्स का अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने मंकी पॉक्स को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। जिसके तहत सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मंकी पॉक्स को लेकर सरकार अलर्ट हैं और गांव-गांव में कैंप लगाकर जांच की जाएगी, जबकि लोगों के लिए इस बीमारी से जागरूक रहने के बारे में भी बताया जाएगा। बता दें कि WHO ने मंकी पॉक्स को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया हुआ है।
नक्सल इलाके में भी कैंप लगेंगे
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल इलाके में भी कैंप लगेंगे और लोगों को जागरूक किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव-गांव में जाकर लोगों को इसके बारे में बताएंगे। प्रदेश में मंकी-पॉक्स सर्वे-लेंस किया जाएगा, जिसके लिए हर जिले में जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम भी बनाई जाएगी। जबकि छत्तीसगढ़ में आने जाने वाले लोगों पर भी नजर रखी जाएगी, अगर कोई व्यक्ति किसी पॉजिटिव मरीज के संपर्क में भी आता है तो इसकी ट्रैसिंग कराई जाएगी। जबकि 21 दिनों तक मरीज की भी ट्रैसिंग चलेगी।मंकी पॉक्स के लक्षण
सिरदर्द
बुखार
थकान
मांसपेशियों में दर्द
पीठ में दर्द
कंपकंपी लगना
Comments (0)