रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत द्वारा जमानत मंजूर किए जाने के बाद कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होते ही उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है।वहीं इस बीच कांग्रेस के कार्यकर्ता भी चैतन्य की रिहाई पर उत्सव मनाते नजर आ रहे है।
जेल के बाहर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता, जश्न का माहौल
चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे है जिससे माहौल उत्सव जैसा बन गया है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी कार्यकर्ताओं के साथ उत्साह मनाते नजर आ रहे हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जाहिर की ख़ुशी
रिहाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेटे के रिहा होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा 18 जुलाई को मेरे बेटे को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था और आज मेरे पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। कोर्ट के फैसले का अध्ययन किया जाना चाहिए, इससे पता चलता है कि ED PMLA एक्ट का गलत इस्तेमाल कर रही है। EOW की साजिश का भी पर्दाफाश हुआ है।
ED और ACB के मामलों में मिली जमानत
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB/EOW) द्वारा दर्ज मामलों में जमानत दी गई है। ED ने जुलाई 2023 में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर 2023 में ACB/EOW ने भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में गिरफ्तारी की थी, जब वे पहले से जेल में थे।
जांच एजेंसियों के गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के प्रमुख संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपये के लेन-देन को संभाला। वहीं ACB के अनुसार, उन्हें घोटाले में हिस्सेदारी के रूप में 200 से 250 करोड़ रुपये मिले। एजेंसियों का अनुमान है कि पूरे घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में हलचल तेज
जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जमावड़े को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आपसी सिर फुटव्वल चल रहा है। कवासी लखमा भी जेल में बंद है, मगर उनके लिए पोस्टर नहीं लगे। परिवार वालों को कैसे बढ़ावा दें यही कांग्रेस में चलता है।
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