रायपुर। रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 103 करोड़ 74 लाख रुपये के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 200 सीटर आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन का विस्तार, डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर सहित कई निर्माण कार्य शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
भूपेश बघेल का आरोप- नया नहीं, पुराने काम का दोबारा शिलान्यास
भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर 2021 के शिलान्यास से जुड़ी तस्वीरें और दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया कि छात्रावास का शिलान्यास उनकी सरकार के दौरान पहले ही किया जा चुका था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान बीजेपी सरकार सिर्फ राजनीतिक श्रेय लेने के लिए उसी परियोजना का दोबारा भूमिपूजन कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का पलटवार
भूपेश बघेल के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शर्मिंदा वर्तमान सरकार को नहीं बल्कि कांग्रेस को होना चाहिए। मंत्री का आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने शिलान्यास तो किया, लेकिन तीन साल तक वहां एक ईंट भी नहीं रखी। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार छात्रों की वर्षों पुरानी मांग पूरी कर रही है।
इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्वास्थ्य क्षेत्र के मुद्दों पर पूरी टीम के साथ खुली बहस (डिबेट) की चुनौती भी दे डाली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी साधा कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार ने विकास कार्यों को आगे नहीं बढ़ाया और अब जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि वर्तमान सरकार अधूरे कार्यों को पूरा कर रही है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार निवेश कर रही है।
कांग्रेस का पलटवार- बीजेपी सिर्फ नाम बदलकर श्रेय लेना चाहती है
वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रावास परियोजना की शुरुआत उनकी सरकार में हो चुकी थी। उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार नई परियोजना शुरू करने के बजाय पुराने काम का दोबारा भूमिपूजन कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
आखिर विवाद की जड़ क्या है?
दरअसल विवाद इस बात को लेकर है कि छात्रावास निर्माण परियोजना की वास्तविक शुरुआत किस सरकार ने की। कांग्रेस का दावा है कि प्रशासनिक स्वीकृति और शिलान्यास पहले ही हो चुका था, जबकि बीजेपी का कहना है कि पिछली सरकार परियोजना को जमीन पर नहीं उतार सकी और वास्तविक निर्माण प्रक्रिया अब शुरू हो रही है। यही वजह है कि यह मामला विकास कार्य से ज्यादा राजनीतिक श्रेय की लड़ाई बन गया है।
मेडिकल कॉलेज में क्या-क्या बनेगा?
सरकार के अनुसार 103.74 करोड़ रुपये की परियोजना में शामिल हैं—
- 200 सीटर आधुनिक छात्रावास
- कैंसर भवन का दूसरी से छठी मंजिल तक विस्तार
- नए वार्ड, ICU, ऑपरेशन थिएटर और लैब
- छात्राओं के लिए अतिरिक्त हॉस्टल सुविधाएं
- डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर
इन परियोजनाओं का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है।
राजनीतिक मायने
छत्तीसगढ़ की राजनीति में विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण को लेकर श्रेय लेने की लड़ाई नई नहीं है। लेकिन मेडिकल कॉलेज छात्रावास का यह विवाद इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक ही परियोजना को लेकर दोनों सरकारें अपने-अपने दावे कर रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा सिर्फ स्वास्थ्य अधोसंरचना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक विमर्श का भी बड़ा हिस्सा बनने की संभावना है।