मध्य प्रदेश सरकार ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए “HOPE” (Health‑oriented Outreach for the Elderly) योजना की शुरुआत की है। यह योजना खास तौर पर 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुज़ुर्गों के लिए तैयार की गई है, ताकि उन्हें घर बैठे नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय सहायता और मेडिकल‑फॉलो‑अप सेवाएं उपलब्ध हों।
योजना का उद्देश्य और सुविधाएं
HOPE योजना का उद्देश्य बुज़ुर्ग नागरिकों को उनके घर पर ही स्वास्थ्य‑सेवाओं से जोड़ना है — विशेष रूप से उन लोगों को, जो चल‑फिर नहीं पाते या अस्पताल जाने में असमर्थ हैं। योजना में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से स्क्रीनिंग, जांच और आवश्यक फॉलो‑अप का प्रावधान किया गया है, जिससे बुज़ुर्गों को अस्पताल तक आने‑जाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग प्रमुख डॉक्टर सलोनी सिडाना का बयान
डॉक्टर सलोनी सिडाना, डायरेक्टर, मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि:
“HOPE योजना बुज़ुर्गों के सम्मान, समयबद्ध इलाज और स्वास्थ्य‑सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। हम चाहते हैं कि हर वरिष्ठ नागरिक अपनी उम्र के बावजूद स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन जी सके।” डायरेक्टर ने यह भी बताया कि इस पहल से न सिर्फ स्वास्थ्य देखभाल सुदृढ़ होगी, बल्कि बुज़ुर्गों में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।
राज्यभर में कार्यान्वयन और लाभ
स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि HOPE योजना राज्य भर के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में लागू की जाएगी और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नियमित फॉलो‑अप के साथ बुज़ुर्गों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से बुज़ुर्गों को समय पर इलाज, दवा‑परामर्श और स्वास्थ्य जोखिमों की शीघ्र पहचान का लाभ मिलेगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में भी बेहतर हस्तक्षेप संभव होगा। HOPE की यह पहल राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्ण और सशक्त जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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