देशभर के छात्रों के लिए खास माने जाने वाले कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ की शुरुआत हो चुकी है। यह इस पहल का नौवां संस्करण है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 10 बजे छात्रों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा से पहले होने वाले तनाव, पढ़ाई के सही तरीकों और जीवन में संतुलन बनाए रखने जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
शिक्षा और स्किल को अलग-अलग नहीं
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा और स्किल को अलग-अलग नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों को समझाया कि किताबों से मिलने वाला ज्ञान तभी सार्थक है जब वह व्यवहारिक कौशल से जुड़ा हो। पीएम मोदी ने परीक्षा को जीवन का एक पड़ाव बताते हुए कहा कि इसे डर का कारण नहीं, बल्कि सीखने का अवसर मानना चाहिए।
‘परीक्षा पे चर्चा’ शिक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल
‘परीक्षा पे चर्चा’ शिक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री छात्रों से सीधे जुड़ते हैं। इस संवाद का उद्देश्य छात्रों में सकारात्मक सोच विकसित करना और परीक्षा को लेकर उनके मन में मौजूद डर को दूर करना है।
पीएम ने लोक कल्याण मार्ग पर छात्रों से संवाद किया
इस साल कार्यक्रम के आयोजन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। अब तक यह आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम तक सीमित रहता था, लेकिन 2026 में इसे देश के कई हिस्सों में इंटरैक्टिव सेशन के रूप में आयोजित किया गया। गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी औरदिल्ली स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर छात्रों से संवाद किया गया।
सकारात्मक ऊर्जा भरने का सशक्त प्रयास
इस पहल का मकसद देश के अलग-अलग क्षेत्रों के छात्रों को सीधे जोड़ना और उन्हें अपनी बात रखने का मंच देना है। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ न केवल परीक्षा की तैयारी को लेकर मार्गदर्शन प्रदान करता है, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भरने का भी एक सशक्त प्रयास है।
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