प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर अपने आधिकारिक आवास से ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण के तहत छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे दूसरों की सलाह को खुले मन से स्वीकार करें, लेकिन अपनी पढ़ाई की पद्धति और क्षमताओं पर पूरा भरोसा रखें। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि निरंतर सीखने और आत्मविश्वास के संतुलन से ही सफलता हासिल होती है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने परीक्षा से जुड़ी घबराहट और तनाव को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन लिया। छात्रों का कहना था कि इस संवाद से उन्हें प्रेरणा और आत्मबल मिला। ‘परीक्षा पे चर्चा’ में प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य पालन के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
पीएम ने कहा, हमें अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने चाहिए
कर्तव्य को जीवन का आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने चाहिए। उन्होंने स्वच्छता को भी कर्तव्य से जोड़ते हुए कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हर नागरिक को साफ-सफाई के प्रति सजग रहना होगा। परिवार, मोहल्ले या सार्वजनिक स्थान—कहीं भी गंदगी से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्वस्थ रहना भी हमारा कर्तव्य है और यदि हम इसे अपनाएं, तो भारत को विकसित बनने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों से सवाल करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी के पास असीम संभावनाएं और खुला मंच है, ऐसे में वे खुद को किस दिशा में आगे बढ़ते हुए देखते हैं। इस पर एक छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र किया।
पीएम ने कहा, ने कहा कि आज के छात्र सौभाग्यशाली हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के छात्र सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें आधुनिक तकनीक और एआई जैसे अवसर मिले हैं, जो पहले की पीढ़ियों को उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने छात्रों को एआई का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि यह तकनीक उनकी क्षमता को बढ़ाने का माध्यम बननी चाहिए। इस संवाद के दौरान छात्रों ने बोर्ड परीक्षा, स्कूल परीक्षाओं, गणित समेत विभिन्न विषयों को लेकर सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछे और परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।
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