मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Netflix के लिए) को इसका टाइटल और प्रमोशनल कंटेंट रिलीज होते ही विवादों का सामना करना पड़ा। फिल्म में बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के किरदार में हैं, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई है क्योंकि नाम में ‘पंडित’ शब्द को जोड़कर उसे रिश्ते से जोड़कर दिखाया गया है, और कई लोग इसे समुदाय के खिलाफ अपमानजनक मान रहे हैं।
घूसखोर पंडित पर डिप्टी सीएम को विरोध
वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हाल ही में फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया के लोग भारत की संस्कृति, विशेषकर ब्राह्मण समाज को टारगेट कर रहे हैं, जो कि अत्यंत निंदनीय है। पाठक ने स्पष्ट किया कि, इस प्रकार के चलचित्र समाज में प्रदर्शित नहीं होने चाहिए और उन्होंने इसे घोर निंदा कहा।
समाज की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए
भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि समाज की भावनाओं और संस्कृति का सम्मान करना फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी है। इस बयान के साथ ही ब्रजेश पाठक ने इस मुद्दे पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के भी संकेत दिए, ताकि ऐसी सामग्री से सामाजिक सद्भाव पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
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