मध्यप्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें) नियम 2026 लागू कर दिए हैं। प्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सचिव बनने के लिए भर्ती में प्रत्येक आरक्षित श्रेणी में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। रिक्त पदों की भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा। पंचायत सचिव का जिला संवर्ग रहेगा। इन्हें तीन स्तरीय वेतनमान मिलेगा। परिवीक्षा अवधि दो वर्ष की होगी। प्रदेश में पंचायत सचिवों की संख्या ग्राम पंचायतों के बराबर होगी, जो वर्तमान में 23,011 है।
भर्ती प्रक्रिया और पदों का निर्धारण
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पहले मप्र पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें) नियम 2025 तैयार किया था और इसके लिए दावे-आपत्तियां मंगाई थीं। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद इन्हें अंतिम रूप देकर अधिसूचित कर दिया गया है।
भर्ती के लिए संचालनालय प्रतिवर्ष 15 जनवरी तक रिक्त पदों की जानकारी कर्मचारी चयन मंडल को भेजेगा। मंडल पात्रता परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों की जिला और श्रेणीवार योग्यता सूची तैयार करेगा।
चयन मापदंड और प्रतीक्षा सूची
रिक्त पदों के 15 प्रतिशत अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी। यदि पात्रता परीक्षा में समान अंक प्राप्त हों, तो प्राथमिकता उन अभ्यर्थियों को मिलेगी, जिनकी आयु अधिक और सीपीसीटी (कंप्यूटर दक्षता परीक्षा) में अंक अधिक होंगे।
तीन स्तरीय रहेगा वेतनमान
पंचायत सचिव के लिए तीन स्तरीय वेतनमान निर्धारित किया गया है।
कार्यभार ग्रहण करने और दो वर्ष की सेवा पूरी होने तक: ₹10,000 निश्चित वेतन
दो वर्ष बाद: ₹19,500-62,200 (सातवां वेतनमान)
दस वर्ष की सेवा के बाद: ₹23,500-80,500
दूसरा और तीसरा वेतनमान समिति की अनुशंसा के बाद ही मिलेगा।
रोजगार सहायकों के लिए अधिक आयु सीमा 50 वर्ष
भर्ती के लिए आयु सीमा: 21 से 35 वर्ष (भर्ती वर्ष की 1 जनवरी तक)
अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला, दिव्यांग को शासन के अनुसार छूट मिलेगी।
ग्राम रोजगार सहायक कोटे से उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु: 50 वर्ष
पंचायत सचिव की सेवानिवृत्ति आयु: 62 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता: स्नातक, कंप्यूटर दक्षता, हायर सेकेंडरी
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