रायपुर। रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने महिला कांग्रेस विधायकों और पदाधिकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला।
इस दौरान विधायक सावित्री मंडावी, अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, चातुरी नंद, हर्षिता बघेल और शेषराज हरवंश समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विशेष सत्र पर उठाए सवाल
रंजीत रंजन ने कहा कि फरवरी में बजट सत्र समाप्त होने के बाद 16 अप्रैल 2026 को अचानक विशेष सत्र बुलाया गया यह रायपुर कदम बीजेपी की मंशा पर सवाल खड़ा करता है, उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी की “नियत और नीति में खोट” है।
“दिखाने के दांत अलग, खाने के अलग”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि 2023 में सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास हुआ था, सोनिआ गाँधी ने इसे 2024 में लागू करने की बात कही थी, कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह जनगणना और परिसीमन का बहाना बनाकर महिलाओं को गुमराह कर रही है।
चुनाव के बीच सियासी चाल?
रंजन ने कहा कि 2026 में पांच राज्यों के चुनाव के बीच आनन-फानन में विशेष सत्र बुलाना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, बीजेपी “कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना” साध रही है।
“महिलाओं के कंधों पर बंदूक”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए किया जा रहा है, यह आरक्षण बिल महिलाओं के साथ धोखाधड़ी है
बीजेपी को बताया महिला विरोधी
रंजीत रंजन ने कहा कि बीजेपी सरकार महिला विरोधी है, वह नहीं चाहती कि महिलाओं को वास्तविक आरक्षण मिले, पंचायतों में 50% आरक्षण कांग्रेस की देन है।
विधानसभा विशेष सत्र पर भी हमला
छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव के लिए बुलाए गए विशेष सत्र पर उन्होंने कहा कि बीजेपी भूमिका बनाने के लिए लगातार ऐसे कदम उठा रही है। इस बार महिलाएं बीजेपी के झांसे में नहीं आएंगी।
पूर्व मंत्री का बयान
वहीं, पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया ने कहा कि बीजेपी अपनी “नाक बचाने” के लिए यह सत्र ला रही है। सरकार अपनी ही बातों में उलझेगी।