भिंड जिले में नवरात्रि के पावन पर्व पर महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहां एक अभिनव पहल के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बेटियों को सौंपकर उन्हें प्रशासनिक कार्यों का अनुभव दिया जा रहा है।
इस पहल के दूसरे दिन भिंड बायपास क्षेत्र में रहने वाले संतोष शर्मा की कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली बेटी अयाति शर्मा ने एक दिन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का दायित्व संभाला। कार्यालय पहुंचने पर उनका स्वागत फूलों के गुलदस्ते से किया गया। इसके बाद उन्होंने एक परिपक्व नेता की तरह अधिकारियों से मुलाकात कर कार्यों की समीक्षा शुरू की।
नल-जल योजना की समीक्षा पर दिया जोर
अयाति शर्मा ने विशेष रूप से नल-जल योजना की समीक्षा की। उन्होंने पीएचई विभाग के एसडीओ गजेंद्र सिंह भदौरिया से गर्मी के मौसम में सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने खादर गांव पहुंचकर पानी की टंकी का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया।
मंत्री ने किया उत्साहवर्धन
कार्यालय वापसी पर जिला प्रभारी एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने आयाति शर्मा को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उत्साहवर्धन किया।
आयाति ने दिया समाज को संदेश
इस अवसर पर अयाति शर्मा ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, बस उन्हें शिक्षा और अवसर की आवश्यकता है। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की भी अपील की, ताकि बेटियां अपने सपनों को साकार कर सकें।
9 दिन, 9 बेटियां संभालेंगी जिम्मेदारी
जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया ने इस पहल के तहत नौ दिनों तक अलग-अलग प्रतिभाशाली बेटियों को अध्यक्ष का दायित्व सौंपने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि इससे बेटियों में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि बेटियों को प्रशासनिक अनुभव देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का एक सार्थक प्रयास है।
पहले दिन मानवी गुर्जर बनी थीं अध्यक्ष
इस पहल के पहले दिन मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के जिठासों गांव की मानवी गुर्जर को एक दिन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा कर अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।
स्थानीय स्तर पर हो रही सराहना
नवरात्रि के दौरान शुरू हुई इस पहल को जिलेभर में सराहा जा रहा है। आमजन और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह कदम बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उन्हें भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा।
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