पन्ना शहर में इन दिनों नलों से आ रहा दूषित और गंदा पानी लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। कई वार्डों में लगातार खराब पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। हालात यह हैं कि लोग मजबूरी में इसी असुरक्षित पानी का उपयोग कर रहे हैं। बार-बार शिकायतों और सबूतों के बावजूद नगर पालिका की उदासीनता बनी हुई है, जिससे जिम्मेदारी और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई वार्डों में गंदे पानी की सप्लाई, लोगों में बढ़ा आक्रोश
शहर के कई इलाकों, खासकर वार्ड क्रमांक 19 सहित अन्य वार्डों में गंदे और दूषित पानी की सप्लाई की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ दिन पानी साफ आता है, तो कई दिन उसमें गंदगी और बदबू साफ महसूस होती है। लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर संबंधित अधिकारियों तक है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। इससे नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग अब जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, जिम्मेदारों पर उठे सवाल
कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष रेहान मोहम्मद और वार्ड पार्षद वैभव थापक ने स्वयं मुख्य नगर पालिका अधिकारी के समक्ष दूषित पानी के प्रमाण प्रस्तुत किए थे। बोतलों में भरे गंदे पानी को दिखाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो पाइपलाइन की जांच की गई और न ही सप्लाई व्यवस्था में सुधार किया गया। केवल नाम मात्र के लिए फिटकरी का अत्यधिक उपयोग किया गया, जिसकी गंध से लोग और अधिक परेशान हो रहे हैं। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से नई पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन उसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा। वहीं पुरानी पाइपलाइनें जगह-जगह से लीकेज हो चुकी हैं, जिनमें नालियों का गंदा पानी मिलकर सीधे घरों तक पहुंच रहा है। यह स्थिति किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को न्योता दे रही है।
इंदौर की घटना से भी नहीं ली सीख
कुछ समय पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने पानी की गुणवत्ता जांच और शुद्ध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पन्ना में हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे साफ है कि जिम्मेदार विभाग या तो लापरवाह है या फिर जानबूझकर अनदेखी कर रहा है।
इनका कहना’
वैभव थापक (वार्ड पार्षद): “गंदे पानी की सप्लाई नगर के अधिकांश वार्डों में हो रही है। कभी साफ तो कभी गंदा पानी आता है। अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन ऐसा लगता है कि वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।” रेहान मोहम्मद (नगरपालिका नेता प्रतिपक्ष): “हम लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और अधिकारियों को प्रमाण भी दे रहे हैं, लेकिन वे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है और नागरिकों को मजबूरी में दूषित पानी पीना पड़ रहा है।”
निष्कर्ष
अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई हो। शहरवासियों की मांग है कि पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए, पाइपलाइन की मरम्मत कराई जाए और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।
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