रायपुर। जिला और वार्ड अध्यक्षों की नई सूची जारी होने के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने पहले जारी की गई सूची को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद संशोधन के साथ दूसरी सूची जारी की गई। हालांकि, इस नई सूची ने संगठनात्मक मजबूती के बजाय विवाद को और गहरा कर दिया है।
70 में से 66 वार्ड अध्यक्ष पहले घोषित, अब 5 में बदलाव
पहली सूची में 70 में से 66 वार्ड अध्यक्षों के नाम घोषित किए गए थे। बाद में जारी दूसरी सूची में 5 वार्ड अध्यक्षों के नामों में बदलाव किया गया। इनमें रायपुर उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों के नाम शामिल हैं। साथ ही 4 खाली वार्डों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति भी की गई है।
सीमित पदों ने बढ़ाई दावेदारों की नाराजगी
पार्टी में 61 पदाधिकारियों की सीमा तय होने के कारण कई दावेदारों को मौका नहीं मिल सका, जिससे असंतोष और बढ़ गया है। कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर खुलकर विरोध जता रहे हैं, जिससे यह विवाद अब सार्वजनिक हो गया है।
गुटबाजी और समन्वय की कमी फिर आई सामने
नई सूची के बाद कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और समन्वय की कमी के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं। लंबे समय से पार्टी इस समस्या से जूझ रही है और बार-बार संगठनात्मक बदलाव भी इसका स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं।
बीजेपी ने साधा निशाना
इस विवाद को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास न तो कोई स्पष्ट विचारधारा है और न ही ठोस एजेंडा, जिसके कारण पार्टी अंदरूनी रूप से बंटी हुई है।
कांग्रेस का पलटवार
वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी अब तक निगम और मंडलों में नियुक्तियां नहीं कर सकी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन की स्थिति देखनी चाहिए।
आगे और गरमा सकती है सियासत
रायपुर में कांग्रेस की नई सूची ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पार्टी अपने अंदरूनी मतभेद सुलझा पाएगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर बढ़ता विरोध और नेताओं के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।