छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक पद से बर्खास्त किए गए शिक्षकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन हो सकता है। राज्य सरकार ने उनकी पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया है, और आज, 17 अप्रैल 2025 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में दोपहर 12:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, प्राइमरी स्तर के बच्चों को पढ़ाने के लिए D.Ed अनिवार्य है। इसके चलते B.Ed डिग्रीधारियों को अयोग्य करार देते हुए बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, इससे पहले राज्य सरकार ने इन शिक्षकों की सशर्त नियुक्ति की थी, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर रहेगी। जब कोर्ट ने राज्य सरकार की स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) को भी खारिज कर दिया, तो सरकार को 2897 सहायक शिक्षकों को नौकरी से हटाना पड़ा। इसके बाद से ही बर्खास्त शिक्षक लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
बढ़ते विरोध और धरनों को देखते हुए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की, लेकिन जब वहां समाधान नहीं निकल पाया, तो मुख्यमंत्री ने स्वयं मुख्यमंत्री निवास में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में यह बात सामने आई कि सहायक शिक्षक (विज्ञान) के हजारों पद रिक्त हैं और इन्हीं पदों पर बर्खास्त शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति संभव है।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग ने 2621 शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, और गुरुवार, 17 अप्रैल 2025 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। यदि यह प्रस्ताव पास होता है, तो यह उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत होगी जो लंबे समय से न्याय और पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। अब सबकी निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, जहां सरकार का यह फैसला लिया जा सकता है।
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