कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रयागराज की घटना को लेकर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति को रोकने की बात नहीं है, बल्कि यह पूरे सनातन धर्म की परंपरा और मर्यादा पर प्रहार है। कांग्रेस पार्टी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
सनातन परंपरा में शंकराचार्य का विशेष स्थान
जीतू पटवारी ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का स्थान सर्वोच्च और मार्गदर्शक का माना जाता है। ऐसे में उन्हें गंगा स्नान जैसे पवित्र धार्मिक कर्म से रोकना न केवल अनुचित है, बल्कि यह धार्मिक आस्थाओं का खुला अपमान भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार खुद को धर्म की रक्षक बताती है, वही अगर ऐसे कृत्य करे तो यह किस तरह का धर्म है।
धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप
पटवारी ने भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन धर्म की बात करती है और हिंदू सम्मेलनों का आयोजन करती है। लेकिन जब वास्तविक धार्मिक परंपराओं और संतों के सम्मान की बात आती है, तो उसका असली चेहरा सामने आ जाता है।
अनुयायियों के सम्मान पर भी आघात
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि शंकराचार्य को रोकने का अर्थ केवल उनका नहीं, बल्कि उनके करोड़ों अनुयायियों का अपमान है। यह घटना यह दर्शाती है कि धर्म का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, न कि उसकी गरिमा और मर्यादा की रक्षा के लिए।
इंदौर दूषित पानी कांड पर भी सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने इंदौर दूषित पानी कांड का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार धर्म और आस्था की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर आम जनता को पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। यह शासन की विफलता और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
जनभावनाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा
पटवारी के अनुसार यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस घटना पर सार्वजनिक रूप से जवाब दे और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे।
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