दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। लंबे इंतजार और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म को महज 48 घंटे के भीतर भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए यह अब भी उपलब्ध है। फिल्म के हटने के बाद सेंसर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल रिलीज को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष पर आधारित है फिल्म
'सतलुज' की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह उन्होंने पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित अवैध दाह-संस्कार के मामलों को सामने लाने की कोशिश की। इस किरदार को दिलजीत दोसांझ ने निभाया है।
नाम बदलते-बदलते बनी 'सतलुज'
फिल्म का सफर कई नामों से होकर गुजरा। शुरुआत में इसका शीर्षक 'घल्लूघारा' रखा गया था, लेकिन सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद इसे 'पंजाब '95' किया गया। बाद में डिजिटल रिलीज के समय फिल्म का अंतिम नाम 'सतलुज' रखा गया। इस दौरान फिल्म को कई बार कानूनी और सेंसर संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
सेंसर बोर्ड के साथ लंबी खींचतान
फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड और निर्माताओं के बीच लंबे समय तक विवाद चलता रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में बड़ी संख्या में बदलाव और कट्स की मांग की गई थी। निर्माताओं का कहना था कि इतने बदलावों से कहानी का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा था। इसी वजह से थिएटर रिलीज टलती रही और अंततः फिल्म को सीधे ओटीटी पर लाया गया।
भारत में क्यों हटाई गई फिल्म?
रिलीज के दो दिन बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भारत में फिल्म की स्ट्रीमिंग रोक दी। आधिकारिक बयान में कहा गया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही प्लेटफॉर्म ने स्पष्ट किया कि वह फिल्म के रचनात्मक दृष्टिकोण का सम्मान करता है और कानूनी विकल्पों पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में इसे फिर से उपलब्ध कराया जा सके।
दिलजीत दोसांझ का बयान बना चर्चा का विषय
फिल्म हटने से पहले ही दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया था कि फिल्म ज्यादा समय तक उपलब्ध नहीं रह सकती। उन्होंने दर्शकों से जल्द देखने की अपील की थी। बाद में फिल्म हटने पर उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से इस संभावना का अंदेशा था और इसी कारण इसका बड़े स्तर पर प्रचार नहीं किया गया।
फिल्म को लेकर फिर तेज हुई बहस
'सतलुज' के हटने के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म, सेंसर प्रक्रिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि क्या फिल्म दोबारा भारत में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी या नहीं।