कोलकाता: बांग्ला फिल्म अभिनेता परमब्रत चटर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें अगले चार हफ्तों के लिए ‘रक्षाकवच’ प्रदान किया है। इस अवधि के दौरान पुलिस उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेगी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि मामले की जांच जारी रहेगी और अभिनेता को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगी जांच रिपोर्ट
शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई के दौरान मामले की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और फैसला लिया जाएगा।
पांच साल पुराने सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला करीब पांच साल पुराना है। 2 मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद परमब्रत चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। इसी पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पोस्ट आपत्तिजनक और भड़काऊ थी।
वकील ने दर्ज कराई शिकायत
गुरुवार (21 मई) को वकील जयदीप सेन ने गरियाहाट थाने में परमब्रत चटर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिनेता की पोस्ट के बाद माहौल बिगड़ा और हिंसा भड़की।
परमब्रत के वकील ने कोर्ट में उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान परमब्रत चटर्जी की ओर से पेश वकील मयूख मुखर्जी ने शिकायत पर सवाल उठाए। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि घटना के इतने वर्षों बाद शिकायत दर्ज कराने का कोई औचित्य नहीं है। साथ ही कहा गया कि सोशल मीडिया पोस्ट से किसी को प्रत्यक्ष नुकसान नहीं हुआ, इसलिए शिकायत को खारिज किया जाना चाहिए।
स्वास्तिका मुखर्जी का नाम भी आया सामने
शिकायतकर्ता का दावा है कि परमब्रत चटर्जी की पोस्ट और अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी की टिप्पणी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हुए थे। आरोप है कि दोनों कलाकारों के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हिंसा को बढ़ावा मिला। बताया गया कि उस समय पुलिस ने दोनों कलाकारों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
जांच जारी, अगली सुनवाई पर टिकी नजर
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद परमब्रत चटर्जी को अस्थायी राहत मिल गई है, लेकिन मामले की जांच जारी रहेगी। अब सबकी नजर अगली सुनवाई और पुलिस रिपोर्ट पर टिकी हुई है।