अमेरिका: अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्से में संचार व्यवस्था में आई बड़ी तकनीकी खराबी ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सर्किट फेलियर और फाइबर-ऑप्टिक संचार लाइन कटने के कारण कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन बाधित हुआ। इस दौरान 1,000 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई या उन्हें रद्द करना पड़ा। समस्या का असर ऐसे समय में सामने आया, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के लिए बड़ी संख्या में वैश्विक नेता और मंत्री न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं।
अम्ट्रैक रेल निर्माण के दौरान कटी मुख्य फाइबर लाइन
अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी के मुताबिक, इस बड़े व्यवधान की शुरुआत एक फाइबर-ऑप्टिक लाइन के कटने से हुई। पास की अम्ट्रैक रेल लाइन पर निर्माण कार्य चल रहा था, इसी दौरान एक महत्वपूर्ण फाइबर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इस लाइन के जरिए हवाई यातायात से जुड़ी संचार व्यवस्था संचालित होती थी। फाइबर लाइन कटने का सीधा असर वेरिज़ोन की संचार सेवाओं पर भी पड़ा। सुबह करीब 10 बजे मुख्य सर्किट फेल हो गया, जिसके बाद सिस्टम को बैकअप व्यवस्था पर स्थानांतरित करने की कोशिश की गई। हालांकि, बैकअप सिस्टम ने भी उस समय काम नहीं किया। जांच में पता चला कि न्यू जर्सी में मौजूद नया फाइबर-ऑप्टिक बैकअप भी निर्माण कार्य के दौरान पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था। इसके चलते संचार व्यवस्था पर एक साथ दोहरा असर पड़ा।
JFK से फिलाडेल्फिया तक उड़ानों पर असर
संचार व्यवस्था बाधित होने का सबसे ज्यादा असर अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्से के प्रमुख हवाई अड्डों पर दिखाई दिया। जॉन एफ. केनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी JFK, न्यूआर्क, फिलाडेल्फिया, तेतेरबोरो और वेस्टचेस्टर काउंटी एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। केवल न्यूआर्क और फिलाडेल्फिया एयरपोर्ट पर ही 600 से ज्यादा उड़ानों में देरी दर्ज की गई। यात्रियों को लंबे समय तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा, जबकि कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया। कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा। उड़ानों पर बढ़ते दबाव के कारण बोस्टन एयरपोर्ट पर अस्थायी ग्राउंड स्टॉप भी लगाया गया था। बाद में इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक पूरे क्षेत्र में उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित हो चुका था। अधिकारियों को सामान्य संचालन बहाल करने में अतिरिक्त समय लगा।
शाम तक संचार व्यवस्था बहाल, लेकिन देरी जारी
अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी ने शाम करीब 6 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि प्रभावित दूरसंचार लाइनों की मरम्मत कर दी गई है। इसके बाद उत्तर-पूर्वी अमेरिका के हवाई अड्डों पर संचालन धीरे-धीरे बहाल होने लगा। हालांकि, संचार व्यवस्था बहाल होने के बाद भी उड़ानों का संचालन तुरंत सामान्य नहीं हो सका। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में उड़ानों के प्रभावित होने के कारण शेष देरी को खत्म करने में समय लगेगा। JFK, ला ग्वार्डिया, न्यूआर्क, तेतेरबोरो और फिलाडेल्फिया एयरपोर्ट पर कई घंटों तक देरी बनी रही। एक उड़ान में हुई देरी का असर आगे की उड़ानों के पूरे शेड्यूल पर भी पड़ा। ऐसे में यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी एयरलाइन से लगातार लेते रहने की सलाह दी गई।
50 साल पुराने सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अमेरिका की एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था के पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों ने एयरपोर्ट के पुराने डेटा आर्किटेक्चर और नेटवर्क डिजाइन पर चिंता जताई। उनका कहना है कि मौजूदा सिस्टम काफी पुराना है और इसे आधुनिक बनाने की जरूरत है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 50 साल पुराने सिस्टम डिजाइन पर निर्भरता भविष्य में भी इस तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। खास तौर पर संचार और बैकअप सिस्टम में एक साथ खराबी आने की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई। पिछले वर्ष अमेरिकी कांग्रेस ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को आधुनिक बनाने और नए कंट्रोलर्स की भर्ती के लिए 12.5 अरब डॉलर की मंजूरी दी थी। परिवहन सचिव सीन डफी ने भी एयर ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पर जोर दिया। यह घटना अमेरिका के पुराने हवाई यातायात नेटवर्क को अपग्रेड करने की चुनौती को एक बार फिर सामने ले आई है।