मॉस्को: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर चर्चा हुई। जयशंकर की रूस यात्रा 23-24 अगस्त को हो रही है और यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सितंबर में नई दिल्ली में BRICS नेताओं का शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है।
BRICS समिट में पुतिन के स्वागत की तैयारी
मुलाकात के दौरान BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर भी चर्चा हुई। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और सितंबर में नई दिल्ली में होने वाली बैठक में रूस के राष्ट्रपति पुतिन के शामिल होने की उम्मीद है। जयशंकर की मॉस्को यात्रा को इसी आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
भारत-रूस रिश्तों को मजबूत करने पर जोर
जयशंकर की रूस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग, विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाना भी है। विदेश मंत्री ने 27वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के सत्र की सह-अध्यक्षता भी की। यह मंच दोनों देशों के बीच आर्थिक और बहुआयामी सहयोग की समीक्षा तथा उसे आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
पुतिन और जयशंकर के बीच बातचीत केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। ऐसे समय में यह बैठक अहम है, जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा, व्यापार और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
सितंबर में नई दिल्ली में BRICS बैठक
भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष BRICS से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार BRICS के तहत व्यापार, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सितंबर में होने वाला नेताओं का शिखर सम्मेलन इस पूरी प्रक्रिया का प्रमुख चरण होगा।