राजधानी भोपाल के अंबेडकर मैदान में सोमवार को कर्मचारी-शिक्षक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी और व्यावसायिक प्रशिक्षक एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने वेतन वृद्धि, 12 माह की सेवा, जॉब सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सम्मानजनक वेतन वृद्धि और 12 माह की सेवा की मांग
महासंघ ने मांग की कि कर्मचारियों और प्रशिक्षकों को सम्मानजनक वेतन वृद्धि दी जाए। साथ ही, उन्हें पूरे वर्ष यानी 12 माह की नियमित सेवा सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब केंद्र सरकार पूरे 12 महीनों का बजट जारी करती है, तो कर्मचारियों की सेवाएं भी पूरे साल के लिए सुनिश्चित होनी चाहिए।
जॉब सुरक्षा और वैधानिक अवकाश की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने श्रम कानूनों के तहत वैधानिक अवकाश और स्थायी जॉब सुरक्षा की भी मांग की। उनका कहना है कि अस्थायी व्यवस्था के कारण प्रशिक्षकों का भविष्य असुरक्षित बना हुआ है, जिसे सरकार को जल्द दूर करना चाहिए।
स्थायी विभागीय समिति बनाने की मांग
महासंघ ने व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्थायी विभागीय समिति के गठन की मांग की। उनका कहना है कि समिति बनने से प्रशिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सकेगा और उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार आएगा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और प्रशिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।