शहडोल लोकसभा सीट से BJP सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी ने 23 नवंबर 2017 को राजेंद्रग्राम में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था। जून 2019 में दोनों के यहां बेटी का जन्म हुआ।हालांकि, समय के साथ दंपती के बीच मतभेद बढ़ते गए। इसके बाद मई 2021 से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। लंबे समय तक अलग रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से वैवाहिक संबंध समाप्त करने के लिए अदालत का रुख किया।
कोर्ट ने आपसी सहमति से दी तलाक की मंजूरी
राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय में तलाक की प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कोई गंभीर आरोप नहीं लगाया। अदालत की ओर से सुलह के लिए समय दिए जाने के बावजूद दोनों साथ रहने के लिए सहमत नहीं हुए।इसके बाद अदालत ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-B के तहत दोनों के तलाक को कानूनी मंजूरी दे दी। कोर्ट का फैसला 3 सितंबर 2026 को आया और अब इसका आदेश सामने आया है।
बेटी हिमाद्री सिंह के साथ रहेगी
तलाक के बाद दोनों की बेटी फिलहाल हिमाद्री सिंह के साथ रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य और पालन-पोषण की जिम्मेदारी हिमाद्री सिंह संभालेंगी।
हिमाद्री सिंह ने अपने या अपनी बेटी के लिए पति से गुजारा भत्ता नहीं मांगा। वहीं, शादी के दौरान मिले उपहार और आभूषणों को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच किसी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है।
लगातार दो बार शहडोल से सांसद बनीं हिमाद्री
38 वर्षीय हिमाद्री सिंह वर्तमान में मध्यप्रदेश की शहडोल लोकसभा सीट से BJP सांसद हैं। उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज की।हिमाद्री सिंह का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता दलबीर सिंह तीन बार सांसद रह चुके हैं और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। उनकी मां राजेश नंदिनी सिंह विधायक और सांसद रह चुकी हैं।