भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोटा और ग्वालियर में हुए सड़क हादसों में घायल मरीजों से एम्स भोपाल पहुंचकर मुलाकात की। उन्होंने मरीजों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति, चल रहे इलाज और दवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों से भी बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने एम्स प्रशासन को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और सभी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
एम्स भोपाल पहुंचकर घायलों का जाना हाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। ये मरीज कोटा में भोपाल से खाटूश्याम जी जा रही मिनी बस की दुर्घटना और ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे में घायल हुए थे।मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से मरीजों की स्थिति और उनके उपचार की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
डॉक्टरों को दिए बेहतर इलाज के निर्देश
मुख्यमंत्री ने एम्स के डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मरीजों को आवश्यक दवाएं और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उन्होंने घायल मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
कोटा हादसे में घायल बैतूल के 14 मरीज एम्स में भर्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कोटा दुर्घटना में घायल हुए बैतूल के 14 मरीजों को उपचार के लिए एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया है।वहीं, ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के समीप हुए हादसे में घायल दो मरीजों को भी एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल पहुंचाया गया। दोनों घटनाओं में घायल मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था की गई।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ है। घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।