भोपाल/नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कथित टूट और इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा भी थी और नहीं भी थी। साथ ही टीएमसी में उभर रही अंदरूनी चुनौतियों पर हैरानी जताते हुए कहा कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी में अब टूट की खबरें सामने आना आश्चर्यजनक है।
TMC की स्थिति पर दिग्विजय का सवाल
दिग्विजय सिंह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से पश्चिम बंगाल की सत्ता में है और ऐसे में पार्टी में टूट की खबरें चौंकाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि इतने मजबूत संगठन में अब असंतोष और विभाजन की स्थिति क्यों बन रही है।
इंडिया ब्लॉक में थी भी और नहीं भी थी TMC
इंडिया ब्लॉक की 8 जून को प्रस्तावित बैठक में ममता बनर्जी की संभावित भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि टीएमसी का गठबंधन में रवैया हमेशा स्पष्ट नहीं रहा। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी इंडिया ब्लॉक में थी भी और नहीं भी थी, जिससे विपक्षी एकजुटता को लेकर कई बार सवाल खड़े हुए।
अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद विपक्ष ने दिया था साथ
दिग्विजय सिंह ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी संकेत दिया कि विपक्षी दलों ने कठिन समय में टीएमसी का साथ दिया। उन्होंने याद दिलाया कि सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद इंडिया गठबंधन के अधिकांश नेताओं ने खुलकर समर्थन जताया था।
DMK को लेकर भी दी अहम सलाह
डीएमके द्वारा इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल न होने के संकेतों पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी को गठबंधन में बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीएमके हमेशा भाजपा की विचारधारा के खिलाफ मजबूती से खड़ी रही है और इंडिया गठबंधन भी भाजपा एवं उसकी विचारधारा के विरोध के लिए बना है। ऐसे में डीएमके की भूमिका महत्वपूर्ण है।
'इंडिया गठबंधन कांग्रेस का नहीं'
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन किसी एक दल का मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की नीतियों और विचारधारा के खिलाफ विभिन्न दलों का साझा राजनीतिक मंच है, इसलिए सभी सहयोगी दलों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
नीट पेपर लीक पर PM मोदी को लिखा पत्र
दिग्विजय सिंह ने नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़ी अनियमितताओं पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
'पेपर लीक मामलों की पूरी जानकारी सार्वजनिक हो'
उन्होंने कहा कि देशभर में पेपर लीक और परीक्षा भ्रष्टाचार के सैकड़ों मामले सामने आए हैं, लेकिन जनता को यह जानकारी नहीं है कि कितने मामलों की जांच हुई, कितने लोग दोषी पाए गए और कितनों को सजा मिली। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की मांग की।