जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। EOW जबलपुर की टीम ने आधारताल तहसील क्षेत्र में पदस्थ एक पटवारी को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी पटवारी की पहचान मनोज बघेल, पिता कुंवर लाल बघेल, उम्र 34 वर्ष के रूप में हुई है। वह आधारताल तहसील के पटवारी हल्का नंबर-2 में पदस्थ था।
दुकान के नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
मामला एक दुकान के नामांतरण से जुड़ा है। EOW के मुताबिक, कटंगी निवासी शरद विश्वकर्मा, पिता स्वर्गीय विश्वेश्वर विश्वकर्मा ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी मां राधा विश्वकर्मा ने जबलपुर के ग्रीन सिटी, माढ़ोताल में एक दुकान खरीदी थी। इस दुकान के नामांतरण की प्रक्रिया के लिए पटवारी मनोज बघेल द्वारा कथित तौर पर 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के बाद EOW ने किया सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद EOW जबलपुर ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।
2 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
EOW की टीम ने 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई की। आरोपी पटवारी मनोज बघेल को जबलपुर के मनमोहन नगर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में गायत्री मंदिर के पास 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। ट्रैप के दौरान EOW टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की।
5 हजार की मांग, पहली किस्त में 2 हजार लेते पकड़ा
शिकायत के अनुसार, दुकान के नामांतरण के काम के लिए पटवारी द्वारा कुल 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। EOW की कार्रवाई के दौरान आरोपी को 2 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। कार्रवाई के बाद EOW टीम ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
EOW ने आरोपी पटवारी मनोज बघेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में संशोधन 2018 की धारा 7(ए) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
EOW की कार्रवाई से मचा हड़कंप
जबलपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी हलचल है। EOW की टीम मामले में रिश्वत की मांग और ट्रैप कार्रवाई से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रकरण में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।