जबलपुर। मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के बीच बरगी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद मानसून सीजन में पहली बार इसके नौ जलद्वार खोल दिए गए हैं। मंगलवार सुबह 11:30 बजे बांध के 9 गेट औसतन 0.78 मीटर तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। गेट खुलते ही नर्मदा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और निचले इलाकों के घाटों पर पानी बढ़ने लगा है।
9 गेट खोलकर 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा
रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना यानी बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार, मंगलवार सुबह जलस्तर 421.00 मीटर दर्ज किया गया। जलाशय की उपयोगी क्षमता 2730 एमसीएम यानी करीब 85.85 प्रतिशत है।बांध में पानी की औसत आवक करीब 1200 क्यूमेक बनी हुई है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए नौ जलद्वार खोले गए हैं।
पावर हाउस से भी छोड़ा जा रहा पानी
बांध से कुल पानी निकासी में गेटों के साथ पावर हाउस से छोड़ा जा रहा पानी भी शामिल है। आरबीपीएच से करीब 195 क्यूमेक, जबकि नौ गेटों से 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।बांध प्रभारी के अनुसार जलाशय में पानी की आवक और मौसम की स्थिति को देखते हुए पानी की निकासी को कभी भी घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
गौरीघाट और तिलवारा समेत घाटों पर बढ़ा जलस्तर
बरगी बांध के गेट खुलने के बाद नर्मदा के निचले क्षेत्रों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। गौरीघाट, तिलवारा और भेड़ाघाट समेत कई घाटों पर जलस्तर बढ़ने लगा है।अनुमान है कि नर्मदा के निचले हिस्सों में पानी करीब चार फीट तक बढ़ सकता है। रात के समय जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।जलस्तर बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
बांध का सूखा हिस्सा भी पानी में डूबा
बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बांध का वह हिस्सा भी जलमग्न हो गया, जो बारिश की कमी के कारण सूख गया था। इस क्षेत्र में लोग पहले तक पहुंच रहे थे, लेकिन गेट खुलने के बाद यहां तेजी से पानी भर गया।जलभराव वाले क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में सुबह 8 बजे तक औसतन 7.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
पिछले साल से इस बार ज्यादा पानी
पिछले साल इसी तारीख को सुबह 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 420.20 मीटर दर्ज किया गया था। उस समय बांध में पानी की क्षमता 2506 एमसीएम यानी करीब 78.80 प्रतिशत थी।इस बार बांध का जलस्तर 421 मीटर और उपयोगी क्षमता 85.85 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद गेट खोलने की जरूरत पड़ी है।
गेट खुलने का नजारा देखने पहुंच रहे पर्यटक
बरगी बांध के नौ जलद्वार खुलने के बाद पानी की तेज धार देखने के लिए पर्यटकों और आसपास के लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई। मानसून के दौरान बरगी बांध के गेट खुलना पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहता है। हालांकि तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
नर्मदा घाटों और तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
बांध प्रबंधन और प्रशासन ने लोगों से नर्मदा घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच नदी में उतरने, स्नान करने या पानी के करीब जाकर फोटो-सेल्फी लेने से बचने की सलाह दी गई है।विशेष रूप से रात के समय नदी किनारे जाने से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है।