भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकारी विभागों में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए आरोप लगाया कि सरकारी खजाने में जाने वाली करीब 600 करोड़ रुपये की रकम कर्मचारियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में पहुंचा दी गई।
कमलनाथ ने इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताते हुए पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन की कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और राशि ब्याज समेत वापस वसूली जानी चाहिए।
सरकारी विभागों में 600 करोड़ की कथित गड़बड़ी का आरोप
कमलनाथ ने अपने पोस्ट में दावा किया कि प्रदेश के सरकारी विभागों में करीब 600 करोड़ रुपये की रकम सरकारी खजाने में जाने के बजाय कर्मचारियों और उनके परिजनों के खातों में ट्रांसफर की गई।उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आने से यह स्पष्ट होता है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में सरकार का भय नहीं है।
तीन साल से घोटाला चलने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह कथित घोटाला पिछले तीन वर्षों से जारी है। उन्होंने कहा कि जब करीब 160 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई थी, तब ट्रेजरी कमिश्नर ने इस संबंध में डीजीपी को आगाह भी किया था।कमलनाथ का दावा है कि चेतावनी के बावजूद कथित अनियमितता पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी और मामला आगे बढ़ता गया।
कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार शासन चलाने में पूरी तरह अयोग्य साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि सरकारी धन से जुड़ी इतनी बड़ी कथित गड़बड़ी का सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ब्याज समेत सरकारी पैसा वसूलने की मांग
कमलनाथ ने सरकार से मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन की पूरी राशि मय ब्याज के वसूल की जानी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने कथित भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।