भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर कर्ज, कथित भ्रष्टाचार और नगर निगमों में खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार हर महीने करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है और नगर निगमों में कचरा उठाने वाले वाहनों की खरीदी में अनियमितताएं हो रही हैं। कमलनाथ ने आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
कमलनाथ बोले- हर महीने 5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पोस्ट में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार हर महीने करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। उन्होंने दावा किया कि कर्ज की राशि का इस्तेमाल भ्रष्टाचार और अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने में किया जा रहा है।
कमलनाथ ने प्रदेश पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने का दावा करते हुए सरकार की वित्तीय नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज का बोझ बढ़ने के बावजूद आम जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगमों में कचरा उठाने वाले वाहनों की खरीदी पर सवाल
कमलनाथ ने प्रदेश के नगर निगमों में कचरा उठाने वाले वाहनों की खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया कि अलग-अलग नगर निगमों में एक जैसे वाहन कहीं 2 लाख रुपये तो कहीं 6 लाख रुपये में खरीदे जा रहे हैं।उन्होंने इन खरीदारियों को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। कमलनाथ के मुताबिक, नगरीय निकायों के शीर्ष अधिकारी भी कथित भ्रष्टाचार की जानकारी होने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
बिजली संकट, बेरोजगारी और खाद की कमी का भी उठाया मुद्दा
कमलनाथ ने प्रदेश में बिजली संकट, युवाओं की बेरोजगारी और किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिलने जैसे मुद्दों को भी उठाया।उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए और सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो, तो आम नागरिकों को राहत मिल सकती है। उन्होंने महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाने की मांग का भी उल्लेख किया।
भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में मांग की कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों को नगर निगमों की खरीदी में अनियमितताओं की जानकारी है, तो तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि कथित भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई कर उन्हें सजा दी जाए।