भोपाल. मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सबसे महत्वाकांक्षी और प्रभावशाली योजनाओं में से एक मानी जाती है। इस योजना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की लाखों महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर महीने मिलने वाली राशि घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य जरूरतों और छोटी-छोटी आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। यही कारण है कि हर महीने किस्त जारी होने से पहले महिलाओं के बीच उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन जाता है।
37वीं किस्त को लेकर बढ़ी उत्सुकता, जल्द हो सकता है भुगतान
जून महीने की 37वीं किस्त को लेकर लाभार्थी महिलाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सामान्य तौर पर योजना की राशि हर महीने निर्धारित समय पर लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है, लेकिन इस बार अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक व्यस्तताओं और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के कारण भुगतान की प्रक्रिया में कुछ दिनों का विलंब हो सकता है। माना जा रहा है कि जून के मध्य तक राशि हस्तांतरित की जा सकती है। हालांकि अंतिम तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी।
दो वर्षों में महिलाओं के खातों में पहुंचे हजारों करोड़ रुपये
लाडली बहना योजना का प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण दोनों स्तरों पर देखा जा रहा है। योजना की शुरुआत के समय महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया और अब लाभार्थियों को 1500 रुपये प्रति माह की सहायता मिल रही है। जनवरी 2024 से मई 2026 के बीच राज्य सरकार योजना के माध्यम से 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में स्थानांतरित कर चुकी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की यह व्यवस्था पारदर्शिता और प्रभावशीलता का उदाहरण मानी जा रही है, जिससे पात्र महिलाओं तक सहायता बिना किसी मध्यस्थ के पहुंच रही है।
नए पंजीयन शुरू नहीं होने से लाखों महिलाएं कर रही प्रतीक्षा
योजना की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन नए आवेदन अभी भी बंद हैं। वर्ष 2023 के बाद से नए पंजीयन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं योजना में शामिल होने का इंतजार कर रही हैं। कई सामाजिक संगठनों और महिला समूहों द्वारा भी सरकार से नए पंजीयन खोलने की मांग की जा चुकी है। हालांकि फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है। ऐसे में नई लाभार्थी महिलाओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
e-KYC की अनदेखी पड़ सकती है भारी
योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों के लिए e-KYC प्रक्रिया पूरी करना बेहद आवश्यक है। सरकार समय-समय पर पात्रता और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड को अपडेट करती रहती है। जिन महिलाओं की e-KYC प्रक्रिया अधूरी है या जिनके आधार और बैंक खाते का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उनकी किस्त प्रभावित हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि सभी लाभार्थी समय रहते समग्र पोर्टल या निर्धारित केंद्रों पर जाकर अपनी जानकारी का सत्यापन अवश्य करा लें, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
सरकार के अगले ऐलान पर टिकी हैं प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाए
प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाएं अब 37वीं किस्त की आधिकारिक तारीख का इंतजार कर रही हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी इस योजना को सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी पहल माना जाता है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में किस्त जारी करने को लेकर औपचारिक घोषणा की जा सकती है। जैसे-जैसे संभावित भुगतान तिथि नजदीक आ रही है, महिलाओं की उम्मीदें भी बढ़ती जा रही हैं और सभी की नजरें सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हुई हैं।