भोपाल. मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ, चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में एक मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है। इसके चलते 27 अगस्त तक कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। आज प्रदेश के अनेक जिलों में कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर कम समय में काफी तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं डिंडौरी और बालाघाट के लिए विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
भोपाल से ग्वालियर तक कई जिलों में बारिश के आसार
भारी बारिश वाले जिलों के अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, मैहर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का अलर्ट है। इन जिलों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है और कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
प्रदेश में अब भी 11% बारिश की कमी
लगातार बारिश होने के बावजूद मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक सामान्य से करीब 11% कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सामान्य से लगभग 3 इंच कम वर्षा हुई है। क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 8% और पश्चिमी हिस्से में यह आंकड़ा 14% तक है। इसका अर्थ है कि कुछ जिलों में अच्छी बारिश होने के बावजूद पूरे प्रदेश में वर्षा का वितरण समान नहीं रहा है। यही वजह है कि एक तरफ कुछ क्षेत्रों में जलभराव और तेज बारिश की स्थिति बन रही है, जबकि दूसरी तरफ कई जिलों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है।
39 जिलों में बारिश सामान्य से कम
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में बारिश की कमी करीब 19% तक बताई जा रही है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी सहित कई जिलों में सामान्य से 6% से लेकर 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून ने इस सीजन में सामान्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि इन जिलों में भी बारिश का वितरण पूरे सीजन में एक जैसा नहीं रहा है। मौसम विभाग की मौजूदा चेतावनियों के बीच अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। यदि सक्रिय मौसम प्रणालियों से पर्याप्त बारिश होती है, तो कई जिलों में बारिश की मौजूदा कमी कम हो सकती है और खेती-किसानी को भी राहत मिलने की उम्मीद है।